बुखार का इलाज के 10 घरेलू नुस्खे – Easy Tips for Fever Treatment in Hindi

Bukhar ka gharelu ilaj in hindi : बुखार क्यों होता है ? साधारणत: कोष्ठबद्धता या बुखार के कारण जब तलपेट (पेडू) में मल जमा होकर पुराना पड़ जाता है और समय पर बाहर नहीं निकल पाता तो वह वहीं पर सड़ने लगता है| उस सड़न क्रिया से एक प्रकार की खमीर उठती है| जो अति विषैली और गरम होती है| सड़े मल की खमीर या दूषित रस शरीर के रक्त को विषाक्त कर देते है जिसमें छूत, त्रतु परिवर्तन, उद्धेगजनक पदार्थों, का आहार, मानसिक विकार तथा आघात आदि अनुकूल वातावरण के कारण जब उद्रेक उत्पन्न होती है

तो रक्त एंव शरीर के कोष-कोष में व्याप्त विष (विजातीय द्रव्य) कुपित होकर विचलित हो उठता है| उस वक्त शरीर में ताप उत्पन्न करने वाले अवयवों को उत्तेजित करके शरीर के रक्त के ताप को बढ़ाकर प्रकृति शरीर स्थित विष को भस्म करके शरीर को निविष, निर्दोष, एंव स्वस्थ करने का प्रयत्न करती है| प्रकृति के उसी प्रयत्न को हम बुखार की संज्ञा देते है

अगर हम शुरू में ही समय पर बुखार को पहचान ले तो हम बुखार के असर से बच सकते है और समय से इसका इलाज भी कर सकते है। बुखार बहुत से प्रकार के होते है जैसे टाइफाइड, वायरल फीवर, अंदरूनी बुखार, मलेरिया और दिमागी बुखार| इस लेख में हम बुखार के कारण, लक्षण, परहेज और बुखार का इलाज के घरेलू नुस्खे जानेंगे। Tips for Viral Fever Treatment in Hindi.

बुखार के कारण क्या है

जब मौसम में बदलाब आता है ऐसे में बुखार होना बहुत आम बात है इसमें किसी भी बात की चिंता या फिर घबराने की कोई बात नहीं होती है| किसी वाइरस के कारण ही शरीर में वायरल फीवर होता है| अगर आप के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है तो यह रोग आप को आसानी से हो सकता है| जिन लोगों के शरीर की ऊर्जा ज्यादा होती है उन लोगों को वायरल फीवर ना के बराबर होता है|

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बुखार के लक्षण क्या है

ज्वर में भूख बन्द हो जाती है, प्याज अधिक लगती है, कमजोरी बढ़ जाती है, किसी काम के करने की शक्ति नहीं रहती है| आरम्भ में ठंड और कंपकपी सताती है, बदन में या केवल सिर में दर्द होता है, नींद नहीं आती रोगी बकता-झकता है, जीभ मैली जो जाती है, मितली और वमन होती है, नाड़ी तेज चलने लगती है, दिल अधिक धड़कता है, श्वांस-प्रश्वांस की गति तेज हो जाती है तथा श्वांस, पसीना, मल और मूत्र अत्यन्त बदबूदार हो जाता है आदि ज्वर के साथ-साथ चलने वाले ये सभी लक्षण और क्रियायेँ ऊपर से देखने में भले ही कष्टदायक प्रतीत हों पर वास्तव में होती है बड़ी लाभप्रद और रक्षात्मक|

वायरल फीवर के उपचार कैसे करे

किसी व्यक्ति को वायरल फीवर है तो उसका शरीर का तापमान 100 से 103 डिग्री या इससे भी ज्यादा हो सकता है| वायरल फीवर होने की बहुत सी वजह हो सकती है जैसे की कोल्ड ड्रिंक्स से, ठंडा पानी पीने, और ठंड लगने से बुखार होने की सम्भावना ज्यादा रहती है| वायरस बुखार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति की सांस के द्वारा बहुत तेजी से फैलता है| जब छोटे बच्चों को वायरल फीवर होता है तब उन्हें कुछ परेशानियाँ हो जाती है जैसे खांसी, सिर दर्द होना, दंस्त, उल्टी होना और ठंड लगना| Viral fever आम बुखारों की तरह होता है| समय के रहते बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर से मिले जांच करवाए|

 

बुखार का इलाज के घरेलू नुस्खे और उपाय

Fever Treatment Tips in Hindi

तुलसी की पत्तियाँ
  • तुलसी की पत्तियाँ ग्यारह, काली मिर्च साथ दोनों को 60 ग्राम जल में रगड़कर प्रात: और सायं रोगी को पिलायें| बरसात और सर्दियों में यही 125 ग्राम जल में उबालकर आधा रह जाने पर रोगी को पिलाएँ| काली मिर्च थोड़ी कूटकर डालनी चाहिए| बारह साल से कम आयु वाले बच्चों को चौथाई मात्रा (तीन तुलसी की पत्तियाँ, दो काली मिर्च) दस ग्राम पानी में पीसकर आयु को ध्यान में रखते हुए दें| मिठास के बिना काम ना चले तो दस ग्राम मिश्री का चूर्ण डाल सकते है आवश्यकतानुसार दो दिन से सात दिन तक पिलाएँ|
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कालीमिर्च, बताशे, तुलसी
  • सात तुलसी की पत्तियाँ, सात काली मिर्च और साथ बताशे (या दस ग्राम मिश्री) तीन कप पानी में डालकर उबालें| एक कप रह जाने पर गरम-गरम पीकर बदन ढककर दस मिनट लेट जाएँ| बुखार, फ्लू, मलेरिया, सर्दी का जुखाम, हरारत में रामबाण है| आवश्यकतानुसार दिन में दो बार प्रात: एंव रात्रि सोते समय दो-तीन दिन लें|
ठंडा किया हुआ जल
  • वात और कफ बुखार में उबालकर ठंडा किया हुआ जल पिलाना चाहिए| औटाया हुआ जल वात तथा कफ बुखार नष्ट करता है| जो जल औटते-औटते धीरे-धीरे झाग रहित तथा नॉर्मल हो जाए तथा आधा शेष रह जाय उसे ही औटा हुआ जल या ‘उष्णोदक’ समझना चाहिए|
अनार
  • सभी ज्वरों में बेदाना (मीठा अनार) बिना किसी हिचक के दिया जा सकता है| इससे ज्वर के समय की प्यास भी शांत होती है| ज्वर में साबूदाना, दूध, चीकू, मौसमी पथ्य है|
लहसुन
  • बुखार के घरेलू उपाय के इलाज में लहसुन की 5 से 7 कालियां लें और घी या तिल के तेल में इसे तल लें| इसमें नमक डालकर रोगी को खिलाए| कैसा भी बुखार हो इस उपाय से उतर जाएगा|
ठंडे पानी की भीगी पट्टी
  • अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार है तो उसके माथे पर ठंडे पानी की भीगी पट्टी रखे यह तब तक करे कब तक रोगी के शरीर का तापमान कम ना हो जाए| अगर पट्टी रखने के कुछ देर बाद गरम हो जाए तो फिर से पट्टी को ठंडे पानी में भिगो कर सिर पर रख दें|
अदरक और पुदीना
  • बुखार से छुटकारा पाने के लिए अदरक और पुदीना रामबाण इलाज है अदरक और पुदीने का काढ़ा त्यार कर लें फिर रोगी को पिलाये इसे पीने से बुखार उतर जाता है काढ़ा पीने के बाद आराम करे, काही बाहर ना निकले|
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सरसों का तेल और लहसुन
  •  सरसों का तेल और लहसुन बुखार के लिए बहुत ही लाभदायक है| लहसुन की कुछ कलियाँ पीस कर सरसों के तेल में डाल कर गर्म कर लें फिर इस तेल से पैर, हथेलियों, छाती, पीठ और गर्दन पर मालिश करें| यह बुखार को दूर करने का सबसे अच्छा नुस्खा है यह आपकी थकान और दर्द में भी फायदेमंद है|
शहद, तुसली, मुलेठी, मिश्री
  • सर्दी और जुखाम के लिए तुलसी, शहद, मुलेठी और मिश्री को पानी में डाल उस का काढ़ा बना लें और रोगी को पिलाए| यह आयुर्वेदिक नुस्खे बहुत ही कारगर है| इस नुस्खा जुखाम और बुखार में फायदा करता है|
तुलसी की चाय
  • मौसम बदलने के कारण कई लोगों को बुखार आ जाता है| ऐसे में तुलसी के चाय का सेवन करे बुखार में आराम मिलेगा|

बुखार में परहेज क्या करें

  1. किसी व्यक्ति को वायरल फीवर है तो उसकी चीजों को इस्तेमाल में ना लें और मरीज के आस पास साफ-सफाई रखें|
  2. बुखार के रोगी को अपने पास रुमाल रखना चाहिए ताकि कभी भी रोगी को छींक या खांसी आए तो रुमाल का इस्तेमाल करे ऐसा करने से दूसरे लोग वायरस से बचे रहते है|
  3. हल्का खाना खाये ठंडी चीजों से परहेज करे और दही का सेवन से बचे और ज्यादा तला भुना ना खाये|

हेल्लों दोस्तों बुखार का इलाज के 10 घरेलू नुस्खे – Easy Tips for Fever Treatment in Hindi का यह लेख आप को कैसा लगा हमे कमेंट करे और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें|