कैंसर का इलाज के 10 घरेलू उपाय और देसी आयुर्वेदिक नुस्खे

Cancer ka ilaj ke Gharelu upay aur desi ayurvedic nuskhe : कैंसर नई सभ्यता की देन है” डा. लिनिंग स्टोन इस रोग के सम्बन्ध में एक आश्चर्य की बात यह भी है कि पुराने जमाने में और आज से 100 वर्ष पहले तक यह रोग बहुत कम सुनने में आता था पर आज इस वैज्ञानिक युग में रेडियम, एक्सरे, शल्यचिकित्सा आदि आधुनिक साधनों के बावजूद घटने के बजाय दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा है|

रोगों में ह्रदय रोग के बाद कैंसर का दूसरा नम्बर आता है अमेरिका की कैंसर सोसाइटी द्धारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार 50 से 70 वर्ष की आयु वाले प्रति तीन व्यक्तियों में एक व्यक्ति कैंसर रोग का शिकार होता है| भारत में भी कैंसर रोगियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है| टाटा कैंसर इन्स्टीट्यूट के कैंसर विशेषज्ञ डॉ जस्सावला के अनुसार भविष्य में आठ व्यक्तियों में एक व्यक्ति कैंसर का रोगी होगा|

कैंसर अभी भी चिकित्सा विज्ञान की प्रमुख चुनोतियों में से है अगर समय पर कैंसर को पहचान लिया जाए तो इसका उपचार करके इसे बढ़ने से रोका जा सकता है| और इसे खत्म भी किया जा सकता है| पुरुषों में मुंह, प्रोस्टेट, गला, जीभ, खाने की नली, आवाज की नली, फेफड़ों और ओरल कैंसर होता है और महिलाओं में ब्रेस्ट, गर्भाशय, पित्ताशय थायराइड और मस्तिष्क के कैंसर होता है| आज इस लेख में हम कैंसर का इलाज और इसे रोकने के घरेलू तरीके और आयुर्वेदिक नुस्खे जानेंगे इन नुस्खों के उपयोग से कैंसर से बच सकते है, ayurvedic home remedies for cancer treatment in hindi.

कैंसर क्या है? –

Cancer अर्बुद या गाठ के रूप में कभी चर्म के ऊपरी भाग के निकट और कभी शरीर के भीतरी अंगों में प्रकट होता है जिस अंग पर विजातीय द्रव्य (Foreign, Matter) एकत्रित हो जाता है| वहाँ पर एक गांठ बन जाती है| यह गांठ कैंसर के तन्तुओं का किला है| यह अधिकांशत: पाचन-संस्थान में उत्पन्न होती है| इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि इस रोग का उत्पादक तत्व हमारे खाघ और पेय पदार्थों के साथ मिलकर ही शरीर में प्रवेश करता है और रोग का कारण बनता है इस दिशा में अब तक के अनुसंधानों से कैंसर रोग के तीन सौ से अधिक कारण प्रवेश में आयें है,

ज़रूर पढ़ें -   लिवर की कमजोरी का इलाज के 10 आसान उपाय और लक्षण

कैंसर के लक्षण : Symptoms of Cancer

पुरुषों में होंठ, जीभ, गला, आमाशय, यक्रत तथा आंत आदि मुख्य रूप से इस रोग के क्षेत्र होते है, जो अधिक धूम्रपान के आदि होते है उनकी जीभ, गले और फेफड़ों में कैंसर खास तौर से हुआ करता है| मुंह में छाले पड़ जाये तो शीघ्र ठीक नहीं होते| कैंसर के रोगी शीघ्र सूखने लगता है| गांठ के आस-पास लम्बे समय में दर्द होने लगता है| स्त्रियों में स्तन, गर्भाशय, योनिमुख, आमाशय तथा आंतों में यह रोग विशेष रूप से होता है|

कैंसर के कारण : Cancer causes

  • खाने-पीने की चीजों को विविध प्रकार के रंगों से रंगना|
  • खाने-पीने की चीजों को जायकेदार बनाने के लिए तीव्र गुण वाले मसालों का प्रयोग|
  • मांस अधिक खाना|
  • खाने-पीने की चीजों को खुशबूदार बनाने के लिये तीव्र खुशबूदार योगों का प्रयोग|
  • अप्राक्रतिक भोजन और गलत रहन-सहन के कारण रक्त विषाक्त होने से शरीर में उपदाह की स्थिति|
  • कम पानी पीना|
  • चाय, तम्बाकू, शराब, आदि नशीली चीजों का सेवन|
  • तरह-तरह से तैयार किए हुए खाघ पदार्थ जो डिब्बों में बंद करके आते है|

कैंसर का इलाज के घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

Ayurvedic Home Remedies for Cancer Treatment in Hindi

उपवास

जब तक रोग में ज़ोर कम न हो जाये तब तक उपवास या रसाहार करते हुए रोज जरूरत के मुताविक दोनों समय या एक समय एनिमा लेना चाहिए| दीर्घ उपवास या दीर्घ रसाहार की इस रोग में विशेष फलदायक होते है|

सूर्य स्नान, भाप स्नान, गीली पट्टी

प्रतिदिन दो बार रोग के स्थान पर सूर्य स्नान लेने के बाद कटि स्नान, महीने में दो बार पूरे शरीर का भाप स्नान और दो बार रोग के स्थान पर पट्टी रखकर पूरे शरीर की भीगी चादर लपेट, प्रतिदिन रात भर पेडू की गीली मिट्टी की पट्टी या कमर की गीली पट्टी का प्रयोग तथा कैंसर पर तीन-तीन घंटा के अन्तर से 5 से 10 मिनट तक भाप देकर बाकी समय मिट्टी की उष्णकर गीली पट्टी 1-1 घंटा बाद बदल-बदल कर रखना, इस रोग की प्राक्रतिक चिकित्सा है|

ज़रूर पढ़ें -   चेहरे की झुर्रियां हटाने के 10 आसान उपाय और घरेलू नुस्खे इन हिन्दी
ठंडा जल

कैंसर में यदि वेदना हो या उससे रक्त निकले तो उस पर खूब ठंडे जल से या बर्फ-जल से भीगी कपड़े की पट्टी बदल-बदल कर रखनी चाहिये|

ग्रीन टी

ग्रीन टी कैंसर के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है ग्रीन टी कैंसर सेल्स को बढने से रोकता है| यह हार तरह के कैंसर जैसे की गले, स्किन, लिवर, ब्रेस्ट, पेट, सर्विकल और मुंह के कैंसर को रोकती है|

अदरक

कैंसर के उपचार में अदरक बहुत ही फायदेमंद होती है क्योंकि इसमें स्किन, फेफड़े, प्रोस्टेट, गर्भाशय, स्तन और ब्लड कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है रोजाना 2 से 3 बार अदरक की चाय का सेवन करे और साथ ही खाने के साथ अदरक का सेवन करें|

गो मूत्र

देसी गाय का मूत्र सेवन करना कैंसर में बहुत ही लाभदायक होता है| हर रोज 2 से 3 बार गाय का मूत्र सेवन करने से कैंसर के रोगी को फायदा मिलता है|

पानी

पानी ज्यादा से ज्यादा पिए| तांबे के बर्तन में पानी पीने से बहुत ही फायदा मिलता है यह कैंसर के साथ और कई रोगों के इलाज में बहुत कारगर है रात को सोने से पहले तांबे के बर्तन में पानी भर कर रखे और सुबह खाली पेट पिए|

सोयाबीन

कैंसर से बचने के लिए सोयाबीन एक चमत्कारी घरेलू उपाय है इससे प्रोस्टेट और स्तन कैंसर  को बढने से रोकने के साथ इसे जड़ से खत्म करने में भी कारगर है इसलिए इस रोग के मरीज को सोयाबीन और उससे बनी हुए चीजो का सेवन करना चाहिये|

अनार, गेहूं के जवारे

ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए अनार का सेवन काफी असरदार है और गेहूं के जवारे का रस का सेवन करने से बहुत फायदा मिलता है|

ज़रूर पढ़ें -   जल्दी पतला होने और पेट अंदर करने के पतंजलि आयुर्वेदिक दवा
सूरज की रोशनी

रोजना 20 से 30 मिनट सूरज की रोशनी में बैठा करें|

कैंसर का उपचार के राजीव दिक्षित आयुर्वेदिक तरीके

आज काल के समय में महिलाओं में गर्भाशय और ब्रेस्ट का कैंसर अधिक बढ़ गया है| शुरू में यह एक गांठ के रूप में निकलती है बाद में फिर कुछ समय बाद कैंसर में बदल जाती है| अगर शुरुबात में ही  इस पर ध्यान दिया जाये तो इस गांठ को गला भी सकते है| आप को किसी रसोली या गांठ के बारे में पता चले तो पान में खाना वाला चुने का इस्तेमाल करें| चुने की छोटी सी गोली बना लें और सब्जी या दाल, लस्सी, दही पानी, के साथ सेवन करें| यह नुस्खा करने से गांठ गल जाती है| और पथरी से पीड़ित लोग इस नुस्खे को इस्तेमाल ना करें|

कैंसर से बचने के टिप्स

  1. सहज व उन्मुक्त जीवन जीना चाहिये|
  2. शक्ति के अनुसार कोई हल्का व्यायाम करना चाहिये|
  3. 3 से 5 किलोमीटर तक पैदल चलिए|
  4. हल्के योगासन व शिथलीकारण कीजिये|
  5. कब्ज न रहने दें|
  6. प्रोसोस्ड फूड से बचे|
  7. अग्नि के सम्पर्क से बने खाघ पदार्थ का उपयोग न करें| जब तक रोग से पूर्ण छुटकारा न मिले तक तक यही पथ्य चलना चाहिये| प्राक्रतिक विटामिन ए.सी.ई बीटा कैरोटिन सेलेनियम, तथा क्लोरोफिल का भरपूर उपयोग करें जो कि निम्न में मौजूद है|
  • गेहूं जवारे में जूस
  • (गाजर+चुकन्दर) का जूस
  • मिक्स सब्जियों का जूस विशेषकर हरी पत्तियों का जूस-पालक आदि|
  • काले अंगूर या तरबूजा छिलका सहित जूस
  • अनार या सेब का जूस
  • अन्न-अम्रतान्न (अंकुरित अन्न), मधु तुलसी पत्ते नारियल पानी (डाभ), किशमिश, मुनक्का, मौसम्बी, फल सब्जियों का जूस व सलाद में कैंसर अवरोधी तत्व पाये जाते है| इस प्रकार कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है|

हेल्लों दोस्तों कैंसर का इलाज के 10 घरेलू उपाय और देसी आयुर्वेदिक नुस्खे का यह लेख आप को कैसा लगा कमेंट करे और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें|