अस्थमा का इलाज 10 आसान उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे इन हिन्दी

Asthma ka ilaj ke gharelu upay in hindi : दमा (Asthma) एक महा दुखदायी रोग है और बड़ी मुश्किल से जाता है| इसीलिए दमा दम के साथ कहावत प्रचलित है मगर प्राक्रतिक चिकित्सा द्धारा यह रोग भी अन्य हठी रोगों की भांति आसानी से दूर किया जा सकता है| इसमें श्वास लेने वाले नलिकाओं के संकुचित होने और उसमें कफ के जकड़ जाने से रोगी श्वांस कठिनता से ले पाता है|

जब सीने की असंख्य ग्रन्थियां कफ से मंढ सी जाती है तो दमे का दौरा होता है जो आधा घण्टा या इससे अधिक भी रह सकता है| जब कफ ढीला पड़कर निकलने लगता है| तो दमे का दौरा कम होने लगता है| भयानक कब्ज होने से ही सीने की ग्रन्थियों में कफ जकड़ता है| कारण, कब्ज से दूषित रक्त बनता है और दूषित रक्त से शरीर में कफ की उत्पत्ति होती है| रोग का आक्रमण रात्रि में या सूर्योदय के कुछ पहले विशेष रूप से होता है उस समय सीने में एक प्रकार का शब्द होता है शरीर लाल या नीला पड़ जाता है और ठंडा हो जाता है तथा श्वास-कष्ट से पसीना छूटता है|

दमे का दौरा जाड़ा, बरसात तथा गर्मी-कभी भी हो सकता है| रोग पुराना हो जाने पर सर्दी, खांसी हिचकी, गरिष्ट और अधिक भोजन आदि अनित सामान्य उन्तेजना से ही दौरा आरम्भ हो जाता है| दमा कई प्रकार का होता है| अस्थमा का रोग महिला, बालक, युवा और बूढ़े किसी को भी हो सकता है कुछ लोग दमा का इलाज करने के लिए दवा का सहारा लेते है| तो कुछ लोग होम्योपैथिक दवा से भी अस्थमा का इलाज करते है| आज इस लेख में हम जानेंगे दमा का उपचार देसी आयुर्वेदिक नुस्खे से कैसे करे, natural ayurvedick treatment and home remedies (gharelu nuskhe) of asthma in hindi.

दमा के कारण क्या है : Dama ke karan

  1. फेफड़ों की दुर्बलता से|
  2. ह्रदय की दुर्बलता से|
  3. गुर्दों की दुर्बलता से|
  4. आंतों की दुर्बलता से|
  5. किसी भी नशे के सेवन से|
  6. स्नायु-मण्डल की दुर्बलता से|
  7. नाक रोग के फलस्वरूप|
  8. पालतू जानवरों से भी यह रोग हो जाता है|
  9. तंबाकू और धूम्रपान ज्यादा खाना|
  10. सांस की नली में धूल मिट्टी का सफना|
  11. परिवार में पहले से किसी भी सदस्य को यह रोग है तो आपको यह रोग हो सकता है|

अस्थमा के लक्षण : Asthma Symptoms

  • ज्यादा पसीना आना और थकावट होना|
  • सांस लेने में तकलीफ होना और सांस फूलना|
  • दमा से पीड़ित व्यक्ति का कफ बदबूदार होता है|
  • सांस लेते समय कानों में सिट्टी की आवाज सुनाई देना|
  • सुखी खांसी आना और सीने में जकड़न होना|
  • सांस लेने में ज़ोर लगाना और चेहरा लाल होना|
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अस्थमा के लिए आहार : Asthma diet tips in hindi

  1. अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को अपने खाने पीने का ध्यान रखना चाहिए और जल्दी पचने वाला हल्का भोजन लेना चाहिए|
  2. आप अपनी डाइट में मैथी, तरोई, टिंडे, अदरक, लहसुन और लौकी ज्यादा से ज्यादा खानी चाहिए|
  3. दलिया और मोटा पीसा हुआ आटे से बनी रोटियां सेवन करे|
  4. मुनक्का और खजूर का सेवन करे|
  5. पानी हमेशा हल्का गरम करके पिए|

अस्थमा का इलाज के घरेलू उपाय और नुस्खे इन हिंदी

Asthma ka ilaj ke Gharelu Nuskhe in Hindi

हरड़, बहेड़ा, आंवला, छोटी पीपल

हरड़, बहेड़ा, आंवला तथा छोटी पीपल सब 100-100 ग्राम लेकर महीन चूर्ण बना लें| इसमें से आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम शहद के साथ चाटें| इससे मल का भेदन होता है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है तथा दमा खांसी दूर होती है|

भारगी, दशमूल, हरड़, पानी

भारगी, दशमूल की दवाएं तथा हरड़ आधा-आधा किलो लेकर सबको दो लीटर पानी में पकने को रख दें| जब चौथाई पानी रह जाए तो उसमें आधा किलो शहद, सोंठ, पीपल, कालीमिर्च, दालचीनी, तेजपात, इलायची सब 10-10 ग्राम मिला दें| इसको चाशनी में घोटकर जमा दें| इसकी 1-1 बर्फी प्रात: तथा साय सेवन करने से हर प्रकार की श्वास की बीमारी समाप्त हो जाती है|

पीपल की अन्तरछाल, गाय का दूध

पीपल की अन्तरछाल (छाल के अंदर का भाग) निकालकर सुखा लें और महीन पीसकर बारीक छलनी से छान लें| शहद पुर्णिमा के दिन गाय के दूध में चावल की खीर बनाएं| आधा गिलास खीर में 5 ग्राम चूर्ण मिलाकर एक तश्तरी में फैला लें| इस प्लेट को चांदनी रात में रखकर उपर से तार की जाली से ढ़क दें| मध्य रात्रि के बाद रोगी को खिलाकर उसे सोने ना दें| शीतल किरणों के प्रभाव से इस खीर में ऐसे औषधीय गुण आ जाते है, जिससे दमे के रोगी को बहुत लाभ होता है|

सरसों का तेल

नाक के अंदर सरसों का तेल लगाएं और पैर के तलवों व पिण्डलियों में सरसों के तेल की मालिश करें|

सेंक

गरम पानी में मोटा कपड़ा भिगोकर, उससे छाती पर सेंक करने से भी दमे का दौरा रुकता है|

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गरम पानी

एक चौड़े व गहरे बरतन में गरम पानी भरकर उसमें रोगी को पैर रखकर आधे घंटे बैठाएं, इससे भी दमे का दौरा रुकता है|

 नींबू, गरम पानी

गरम पानी में नींबू निचोड़कर पीने से दमे के रोग में राहत मिलती है|

गरम तेल

गले और फेफड़े (छाती) पर गरम तेल से मालिश करे|

अदरक, शहद

अदरक के अर्क में शहद मिलाकर चाटने से भी दमा रोग ठीक होता है|

पेठे की जड़

पेठे की जड़ का 6 माशा चूर्ण फंकी मारकर उपर से गरम पानी पीने से भी दमा रोग ठीक होता है|

तेजपात, शहद, बकरी का दूध

तेजपात का 3 ग्राम चूर्ण व 15 ग्राम शहद बकरी के 150 ग्राम दूध में मिश्रित कर सेवन करने से दो सप्ताह में दमा रोगी को लाभ होता है|

दमा का आयुर्वेदिक उपचार : Ayurvedic Treatment of Asthma in Hindi

  1. आयुर्वेदिक दवा और घरेलू नुस्खे के उपचार करने से बहुत लाभ होता है और साथ ही साथ ये बीमारी और उनके कारण दोनों का इलाज करने में मदद करते है और इनके इस्तेमाल से कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है|
  2. अस्थमा के रोगी के लिए अदरक, जों, लहसुन और बथुआ का इस्तेमाल बहुत कारगर होता है|
  3. 1 चम्मच शहद में 2 चम्मच आंवला पाउडर को अच्छे से मिला लें और रोज सुबह को इसका सेवन करे इससे अस्थमा कंट्रोल होने लगता है|
  4. 1 कप गाजर का जूस और 1 कप पालक का जूस मिला कर मिक्स कर ले जब यह 1 गिलास जूस हो जाए तो इसका सेवन करे इस उपाय को रोजाना करे|
  5. अस्थमा का आयुर्वेदिक इलाज में 1 गिलास पानी में 4 से 5 लौंग डाल कर 5 से 7 मिनट तक उबालें फिर इसे छान कर इसमें 1 चम्मच शहद मिला कर सेवन करे| रोजाना यह उपाय दिन में 2 से 3 बार करने पर दमा ठीक होने लगता है|
  6. सूखा आंवला और मुलहठी को अलग-अलग पीसकर बारीक चूर्ण सा बनाएं और फिर उन्हें मिलाकर रख लें| इसमें से एक चम्मच चूर्ण दिन में दो बार खाली पेट लेने से दमे में लाभ होता है|
  7. 25 ग्राम अलसी को कुचलकर 375 ग्राम पानी में औटाएं| जब एक तिहाई रह जाये तो 125 ग्राम मिश्री मिलाकर रख लें| इसमें एक-एक चम्मच भर काढ़ा एक-एक घंटे के अन्तर से दिन में कई बार पिलायेँ, लाभ अवश्य ही होगा| उल्टी हो तो न लें|
  8. रोगी को केवल गर्म पानी अथवा गर्म दूध पिलाने से कफ पतला हो जाता है| और श्वास दमा के दौरे में आराम मिलता है|
  9. 5 से 7 बादामों की गिरी को पानी में पीसकर आग पर कुछ देर तक उबालें| थोड़ा-थोड़ा रोगी को पिलाने से दमा का दौरा थम जाता है|
  10. 30 से 40 ग्राम अंगूर का रस गर्म करके रोगी को पिलाने से स्वास का वेग घट जाता है|
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पतंजलि अस्थमा मेडिसिन इन हिंदी : Baba Ramdev Patanjali Medicine

दिव्य स्वासरी रस दवा का सेवन करने से दमा ठीक होने लगता है और यह आयुर्वेदिक दवा है ये दवाई  आप आसानी से बाबा रामदेव पतंजलि स्टोर से ले सकते है दमा का इलाज और इस रोग से बचने के लिए कुछ और भी आयुर्वेदिक दवा है जो आप पतंजलि स्टोर से ले सकते है| कोई भी दमा की दवा शुरू करने से पहले उसके बारे में जरूर जाने और उसे लेने का सही तरीका भी जाने|

दमा का होम्योपैथिक इलाज कैसे करे : Dama ka homeopathic ilaj

होम्योपैथिक दवा बीमारी के लक्षण को देख कर दी जाती है| जो होम्योपैथिक इलाज होता है उसमें एलर्जी और दमा के कारणों को खत्म करने पर ध्यान दिया जाता है| दमा के होम्योपैथिक इलाज करने के लिए बाजार में बहुत सी दवा मौजूद है| हम आप को कुछ दवाइयों के नाम बताने जा रहे है जो अस्थमा का इलाज करने में बहुत लाभदायक है| यह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए है इसको प्रयोग करने से पहले होम्योपैथिक डॉक्टर से मिले और सलाह लें|

  1. Allu Cepa
  2. Dulcamara
  3. lodium
  4. Thuja
  5. Carbo veg

दमा बढ़ने से रोकने के उपाय

  • मौसम में हो रहे बदलाव के बारे में पता रखे|
  • अपना इनहेलर पंप अपने साथ रखे|
  • मिर्च और मसाले कम इस्तेमाल करे|
  • धूल मिट्टी और धुएं वाली जगह पर ना जाएं|
  • मुंह से सांस लेने की बजाय नाक से सांस लें|
  • ऐसी चीजों का कम सेवन करे जिससे बलगम बनता हो|
  • तंबाकू और धूम्रपान जैसी चीजों से बचें|
  • इत्तर और परफ्यूम खुश्बू वाली चीजों से परहेज करे|

हेल्लों दोस्तों अस्थमा का इलाज 10 आसान उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे इन हिन्दी का यह लेख आप को कैसा लगा हमें कमेंट करे और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें|