दस्त रोकने और पेट की मरोड़ का इलाज के 10 आसान उपाय

Dast rokne ke upay in hindi : इस रोग में मुख्यत: पतले दस्त होते है| पाखाना बंधकर नहीं आता है| रोगी को एक से अधिक बार या बार-बार मलत्याग के लिए जाना पड़ता है| पेट में खलबलाहट या गुड़गुड़ाहट की आवाज के साथ दस्त होते है| दस्त में पानी अधिक और मल कम होता है| कभी-कभी उसमें गठीला मल गिरता है या उसमें अपक्व आहार द्रव्य होते है|

दस्त रोकने और पेट की मरोड़ का इलाज के 10 आसान उपाय

इन सारे लक्षणों के अलावा अतिसार का एक विशिष्ट लक्षण यह है कि अपान वायु निकलने के समय उसके साथ मल भी बाहर आ जाता है| गरिष्ट भोजन करने, भोजन के अन्य आवश्यक नियमों के पालन न करने, मौसम के बदलने ठंड लगने तथा शरीर में विजातीय द्रव्य एकत्र होने के फलस्वरूप दस्त और संग्रहणी रोगों की उत्पत्ति होती है संग्रहणी को दस्त का उग्र और पुराना रूप समझना चाहिये| दस्त को अतिसार और डायरिया भी कहते है| इस रोग में बार-बार दस्त आते है जिसमें कभी-कभी असहा बदबू होती है|

रोगी की श्वास भी दुर्गन्ध उपयुक्त होती है| पेट में दर्द और कभी-कभी मिलती और कै की भी शिकायत होती है| सिर दर्द और थोड़ा ज्वर भी हो जाता है| और ज्यादा सर्दी और गर्मी लगने से भी दस्त हो सकते है अगर नवजात शिशु और छोटे बच्चों के दस्त अगर जल्दी ठीक ना हो तो तुरंत डॉक्टर से मिले और जांच करवा के इलाज शुरू करे, बिना जानकारी के बच्चों को दस्त रोकने की दवा ना दें| आज इस लेख में हम जानेंगे घरेलू उपाय और देसी नुस्खे अपना कर पतले दस्त का इलाज कैसे करे, natural ayurvedic home remedies tips for loose motion treatment in hindi.

पेट में मरोड़ उठना

पेट में मरोड़ उठने की बहुत सी वजह को सकती है जैसे की बिना पक्का हुआ कच्चा खाना खाने से, फूड पॉयजनिंग, खराब खाना खा लेना, दस्त लगना आदि| इन बातों को ध्यान में रख कर पेट में मरोड़ का इलाज कर सकते है|

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दस्त रोकने के उपाय और घरेलू नुस्खे

Loose Motion Treatment in Hindi

ईसबगोल की भूसी, सौंफ, सोंठ

ईसबगोल की भूसी 100 ग्राम, सौंफ पिसी हुई 50 ग्राम, सोंठ चूर्ण 25 ग्राम को मिलाकर शीशी में भर लें और आधा चम्मच मिश्रण एक खुराक में लें|

दही और खिचड़ी

खाने-पीने का पूरा ध्यान रखे| दही के साथ खिचड़ी का सेवन करें| अदरक और सोंठ आंव व मरोड़ को खत्म कर पेचिश का दमन करेंगे|

खसखस दाना, सोंठ का चूर्ण, मिश्री

खसखस दाना, सोंठ का चूर्ण और मिश्री तीनों को समान मात्रा में लेकर कूट-पीसकर मिला लें| इस मिश्रण को 1-1 चम्मच 3-3 घंटे के अंतराल से उबालकर ठंडे किए हुए एक कप पानी के साथ दिन में 3-4 बार सेवन करने से खूनी दस्त और पेट में मरोड़ व दर्द होना बंद हो जाता है|

पके केले और दही

दो पके हुए केलों को एक पाव दही में अच्छी तरह मथकर दिन में दो बार सेवन करें| बच्चों को इसकी आधी मात्रा ही दें|

प्याज, गुड़

छह ग्राम प्याज सवा सौ मि. ली. पानी में पकाकर थोड़ा गुड़ या शक्कर मिलाकर पीएं|

नीम की छाल, इन्द्रजौ, बेलगिरी, हरड़, सौंफ, जीर, धनिया

नीम की छाल (सूखी हुई, जो कूटी जा सके) इन्द्रजौ, बेलगिरी, हरड़, सौंफ, जीर, धनिया और सेंधा नमक बराबर-बराबर मात्रा में लेकर पीस लें| यह चूर्ण 3-3 माशे दिन में चार बार पानी से लें|

सौंफ, मिश्री

250 ग्राम सौंफ में से आधी भून लें व आधी बिना भूनी रखें| बाद में दोनों को पीसकर कपड़छन करें और समभाग मिश्री मिला लें| अब नित्य 10-12 ग्राम मात्रा पानी के साथ 3 से 4 बार नित्य लें| यह अचूक नुस्खा है|

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अदरक और पानी

125 ग्राम खौलते पानी में अदरक की गांठ पीसकर डाल दें| जब पानी अदरक का पूरा सत्व ग्रहण कर लें तो पानी आंच से उतार लें| फिर पानी के सत्व को उबाल कर रोगी को पिला दें| दस्त से मुक्ति मिल जाएगी|

बेल का गूदा, आम की गुठली और पानी

बेल का गूदा, आम की गुठली (मींगी) को 10-10 ग्राम लेकर मोटा-मोटा कूटकर 2 कप पानी में डालकर उबालें| जब आधा कप पानी बचे तब उतारकर ठंडा करें और 2 चम्मच शहद घोलकर पीएं|

गाजर का जूस

हर घंटे बाद 50 ग्राम गाजर का रस पीने से दस्तों में काफी आराम मिलता है|

जामुन, आम, आंवले के पत्ते, पानी, दूध और शहद

जामुन, आम तथा आंवले के पत्ते 25-25 ग्राम लेकर पानी के साथ पीसें और 2 कप पानी डालकर मसलकर कपड़े से छान लें| इस पानी में बकरी का दूध और शहद 4-4 चम्मच डालकर पीने से पुरानी खूनी पेचिश में आराम मिलता है|

दस्त और मरोड़ का रामबाण इलाज

कभी-कभी दस्तों के साथ पेट में मरोड़ और पीड़ा भी होती है| ऐसी स्थिति में अजमोद, मोचरस, सोंठ और धाय के पुष्प समान मात्रा में लेकर कूट-पीसकर महीन चूर्ण कर लें और छानकर रखें| इसे 5 ग्राम (एक छोटा चम्मच) मात्रा में छाछ, मट्ठा में घोलकर दिन में 2 से बार या रोग की स्थिति देखते हुए जितना उचित व आवश्यक हो, उतनी बार पीएं|

मूली के टुकड़े पतीले में डालकर उसमें चार कप पानी उड़ेल दें, उपर से पीपल के 4 से 5 सूखे पत्तों का चूरा भी डाल दें| अब इसे ढक कर आंच पर रखे और खूब खौलाएँ| अब जब काढ़ा एक कप के बराबर रह जाए तो उसे आंच से उतारें और छान कर पिला दें| दिन में 3 से 4 बार काढ़ा पीते ही दस्त से छुटकारा मिल जाएगा| पेट में न गुड़गुड़ होगी न मरोड़ उठेंगे|

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बच्चों के दस्त के घरेलू उपाय

  1. बच्चे के पहली बार दांत निकलने की वजह से दस्त और बुखार की समस्या हो जाती है| इसमें बच्चे के खाने पीने का ध्यान रखना चाहिए| बच्चों को दस्त हो जाने पर उन्हें हल्का भोजन देना चाहिए|
  2. बच्चों के शरीर में नमक की कमी या फिर ज्यादा गर्मी लगने के कारण डायरिया हो जाता है| ऐसे में बच्चों को पानी में नमक घोल कर पिलाए|
  3. खराब खाना खिलाने से भी बच्चे को दस्त लग जाते है| इसलिए बच्चे को साफ सुथरा और अच्छा खाना ही खिलाए|

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