ग्रीन कॉफी से वेट लॉस करने के उपाय : Green Coffee Benefits in Hindi

Green coffee benefits for weight loss in hindi : वेट लॉस करने के लिए ग्रीन टी के बारे में आप सभी जानते ही होंगे पर आप ग्रीन कॉफी से वेट लॉस का तरीका जानते है| ऐसे में आप ग्रीन कॉफी का सेवन कर सकते है. इसे अधिक मात्रा में पीने से आपकी सेहत पर असर नहीं पड़ता, क्योंकि इस ग्रीन कॉफी में कैफीन की मात्रा न के बराबर होती है, ग्रीन ब्रू के सीओओ ने कहा है कि अधिकतर कॉफी में 7 से 9 प्रतिशत की मात्रा में कैफीन पाई जाती है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है,

लेकिन ग्रीन ब्रू में कैफीन की मात्रा बहुत कम पाई जाती है, मौजूद पोषक तत्व और विशेष रूप से एंटीऑक्सीडेंट हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है| कुछ लोग वजन घटाने और विशेष स्वास्थ्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए इसका नियमित सेवन करने की सलाह देते है| इसका एक और चमत्कारी गुण है वह है वजन कम करना| आप इसके नियमित सेवन से अपना वजन 10 किलो तक कम कर सकते है अगर आप के मन में भी ग्रीन कॉफी वेट लॉस इन हिंदी से जुड़े सवाल है तो आप हमारे इस लेख को ध्यान से पढे हम जल्दी वजन कम करने के लिए ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका जानेंगे| आइये जाने how to make green coffee in hindi for weight loss.

ग्रीन कॉफी क्या है : Green coffee in hindi

ग्रीन कॉफी कोई अलग तरह की कॉफी नहीं होती. इसे बनाने में Coffee के सामान्य बीजों का ही प्रयोग किया जाता है. आप जिस ग्रीन टी का तुल्फ लेते हैं यह हरी कॉफी सेम पौधे से प्राप्त होती है जिसे अरेबिका के नाम से जाना जाता है| प्राकृतिक रूप से बीस का रंग हरा ही होता है| इन्हें स्वादिष्ट कॉफी में बदलने से पहले भूना जाता है|

इन्हें भूनने से पहले इनका रंग हरा होता है जब इन बीजों को भूना जाता है तो उसके एंटीऑक्सिडेंट और प्राकृतिक औषधीय गुण खत्म हो जाते है| ग्रीन कॉफी के कच्चे बीज होते है और एंटीऑक्सिडेंट अधिक मात्रा में पाई जाती है जो हमारे बेट लॉस करने के अलावा कई तरीके के फायदा करता है|

ज़रूर पढ़ें -   पीरियड्स के दौरान क्या खाएं और क्या नहीं खाना चाहिए

ग्रीन कॉफी से वेट लॉस कैसे करे उपाय इन हिंदी

Green Coffee Weight Loss in Hindi

  1. अगर आप बढ़ते वजन से परेशान है या फिर किसी तरह की डाइट अच्छे से नहीं कर पा रहे हैं तो आपको अपनी डाइट में ग्रीन कॉफी को जोड़ देना चाहिए| क्योंकि ग्रीन कॉफी मोटापे को कम करने में सहायक होती है| सुबह-सुबह खाली पेट नाश्ते से पहले ग्रीन कॉफी का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो आप आसानी से आपन वजन कम कर सकते है|
  2. यदि आप डायबिटीज रोगी है अगर आप ग्रीन कॉफी पीना शुरू कर दे| तो आप शुगर की मात्रा को कम कर सकते है इसे पीने से रक्त में बढ़ा हुआ शुगर का स्तर कम हो जाता है और साथ ही साथ वजन भी कम होने लगता है| इस प्रकार मधुमेह के रोगी के लिए ग्रीन कॉफी बहुत फायदेमंद होती है|
  3. ग्रीन कॉफी मोटापा कम करने में लाभदायक है क्योंकि इसके बिना भुने और कच्चे बीज में पोषक तत्व मौजूद होते है जो हमारी पाचन शक्ति को ठीक करती है जिससे हम आसानी से वजन कम करने में काफी मदद मिलती है|
  4. रोजाना ग्रीन कॉफी का सेवन करने से हमारी बॉडी का मेटाबोलिज़्म अच्छा होता है| हमारी बॉडी में जमा फैट खत्म होने लगता है| और वेट लॉस तेजी से होने लगता है| हमारे शरीर में मेटाबेलिज़्म बढ़ने के साथ-साथ एनर्जी और स्टेमीना भी बढ़ता है|
  5. थायराइड रोग के कारण शरीर में मोटापा बढ़ता है| यदि कोई व्यक्ति थायराइड रोग से पीड़ित है और वह वजन कम करने के लिए ग्रीन कॉफी का सेवन करना चाहते है तो पहले डॉक्टर से मिले और जानकारी लें क्या थायराइड रोग में ग्रीन कॉफी का सेवन कर सकते है या नहीं|

Green coffee peene ka tarika : ग्रीन कॉफी पीने का तरीका

  1. सुबह-सुबह खाली पेट नाश्ते से पहले ग्रीन कॉफी का सेवन करें| इसके सेवन से जल्दी वेट लॉस किया जा सकता है|
  2. खाना खाने से 1/2 घंटा पहले ग्रीन कॉफी का सेवन करें| और ग्रीन कॉफी के आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद कुछ खाये पिए नहीं|
  3. अगरे आप ग्रीन कॉफी कैप्सूल या फिर दवा ले रहे है तो इसे प्रयोग में कैसे लेना है कब खाना है कैसे खाना है यह सब तरीका इसी के साथ में होगा|
ज़रूर पढ़ें -   ध्यान कैसे लगायें: घर पर मेडिटेशन करने का आसान तरीका

ग्रीन कॉफी कैसे बनाये इन हिंदी : Green coffee recipes in hindi

ग्रीन कॉफी बीज और पाउडर आसानी से आप को बाजार में मिल जायेंगे यहा हम आप को ग्रीन कॉफी बनाने के दोनों तरीके बताने जा रहे है| पाउडर और बीज के साथ-साथ ग्रीन कॉफी टेबलेट में भी आती है| पर इसका रिजल्ट अभी तक पता नही चल पाया है

  1. Green coffee banane ka tarika ग्रीन कॉफी के करीब 10 ग्राम बीज ले, 100 एम एल पानी|
  • रात को सोते समय ग्रीन कॉफी को पानी में भिगो कर रख दें अगली सुबह को इसी पानी में बीज को खंगाल कर 10 मिनट तक हल्की  आंच पर उबलने दें| अब आप की ग्रीन कॉफी पीने के लिए त्यार है, अगर आप को ग्रीन कॉफी का टेस्ट पीने में अच्छा न लगे तो इसमें 1 या 2 चम्मच शहद मिलाकर पिए|
  • ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका ग्रीन कॉफी के बीज को पीस कर इसका पाउडर त्यार कर लें, एक कप में इस पाउडर को डाले फिर थोड़ा गर्म पानी डाले और 10 या 15 मिनट बात इसे छान कर पिए| अगर आप के पास ग्रीन कॉफी का पाउडर है तो इसे कप में डाले और उस में गर्म पानी डाले|

हम आप को ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका बता चुके है अब आप को हम ग्रीन कॉफी के फायदे और नुकसान के बारे में बताने जा रहे है|

Green coffee benefits in hindi : ग्रीन कॉफी के फायदे

  1. ग्रीन कॉफी बॉडी के मेटाबॉलिज्म के स्तर को बढ़ा देती है जो हमारे नॉर्मल फिजिकल एक्टिविटी में भी ज्यादा से ज्यादा कैलेरी खर्च होती है|
  2. इसमें एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में पाई जाती है जो हमारे मोटापे को तो घटता ही है और साथ ही साथ त्वचा को हेल्थी और चमकदार भी बनाता है|
  3. ग्रीन कॉफी के सेवन से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है क्योंकि इसमें क्लोरोजेनिक एसिड मौजूद होते है|
  4. ग्रीन कॉफी आप की स्किन के लिए भी फायदेमंद होती है| इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड एक एंटीऑक्सीडेंट का काम करते है| इसे नियमित रूप से सेवन करने से बॉडी का एजिम प्रोसेस हल्का हो जाता है जिससे आप की स्किन लंबे समय तक जवान दिखती है|
  5. कैंसर जैसी बीमारी के लिए ग्रीन कॉफी कारगर है| यह कैंसर को नियंत्रित कर उसे बढ़ने से रोकने में भी फायदेमंद है यह हर तरह के कैंसर को बढ़ने से रोक सकती है| इसलिए ग्रीन कॉफी को अपनी दिनचार्य में शामिल करे|
ज़रूर पढ़ें -   पेट में गैस का इलाज के 10 आसान उपाय और रामबाण घरेलू नुस्खे इन हिन्दी

ग्रीन कॉफी के नुकसान : Green coffee ke side effects in hindi

  1. किसी व्यक्ति को ग्रीन कॉफी से अभी तक कोई साइड इफेक्ट दिखा नहीं है क्योंकि इस में कॉफीन अधिक मात्रा में पाई जाती है इसलिए इससे कुछ नुकसान हो सकते है|
  2. ग्रीन कॉफी के साइड इफ़ेक्ट में जुखाम, नींद ना आना, बेचैनी और पेट में गड़बड़ शामिल है और आप को पहले से इनमें से कोई समस्या है तो ग्रीन कॉफी का सेवन न करे, इसके सेवन से आप की समस्या और भी बढ़ सकती है|
  3. कोई भी व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से ग्रस्त है उस व्यक्ति को ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए| ब्लड प्रेशर कंट्रोल होने के बाद डॉक्टर से मिले राय मशफरा करे और उनकी सलाह से ग्रीन कॉफी का सेवन शुरू करे|
  4.  महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ग्रीन कॉफी शरीर के मेटाबोलिज्म पर असर करती है| और जो महिलाएं अपने बच्चे को दूध पिलाती है उन्हें भी ग्रीन कॉफी और अन्य वेट लॉस सप्लीमेंट से परहेज करना चाहिए|

हेल्लों दोस्तो ग्रीन कॉफी से वेट लॉस करने के उपाय : Green Coffee Benefits in Hindi का यह लेख आप को कैसा लगा हमे कमेंट करे और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें|