जोड़ों में दर्द के कारण, घरेलू इलाज और उपचार – Joint Pain Home Treatment in Hindi

जोड़ों के दर्द की समस्या इस समय में हर वर्ग व्यक्तियों में देखने को मिल रही | यह दर्द ज्यादा तर ठंडो में होता है | इस दर्द से सभी परेशान है बच्चा हो या बुड़ा आदमी हो या औरत | शरीर के ऐसे हिस्से जहा हड्डियां मिलती हो, वह जोड़ कहलाते है, जैसे कोहनी, कंधे, घुटने आदि | यह रोग किसी भी आयु में हो सकता है | जोड़ो के दर्द से न जाने कितने लोग परेशान है | इस लिए आज हम जोड़ों के दर्द का कारण और इसके इलाज के बारे में बात करेंगे तो चलिए जानते है | यह किस कारण होता है और इसके समाधान के कारण क्या है |

जोड़ो के दर्द का कारण – Joint pain

महिलाओं में कमरदर्द तथा हड्डियों में दर्द की शिकायत अकसर रहती है, कभी-कभी दर्द इतना ताज़े होता है कि उनको दैनिक क्रियाएं करने में भी परेशानी होती है | हड्डियां ही शरीर को आकार देती है, साथ ही मांसपेशियों एवं तंतुओ को कार्य करने के लिए मजबूत ढांचा प्रदान करती है, हड्डियों में ही रक्तकोशिकाएं बनती है, हड्डियों की कठोरता, कैल्शियम एवं फास्फोरस लवणों के कारण होती है, जीवनभर शरीर में नई हड्डियां बनती रहती है पुरानी हड्डियों के बचे अंश रक्त में मिलते रहते है |

हड्डियों के बनने एवं खत्म होने की क्रिया को संतुलित रखने के लिए विटामिन डी,पैराथायरायद हार्मोन एवं कैलसीटोनिन 
हार्मोन की भूमिका होती है,हां,हड्डियों को बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन,कैल्शियम एवं फास्फोरस तो जरुरी है 
ही,जब कभी भी शरीर में हार्मोन के रिसाब में तालमेल गड़बड़ हो जाता है|या शरीर को नई हड्डी बनाने के लिए जरुरी 
पोषण तत्व नहीं मिल पाते तो हड्डियां कमजोर हो जाती है वैसे हड्डियों के अनके रोग होते है पर आस्टियोमलेशिया और
आस्टियोपोरोसिस महिलाओं में होने वाले आम रोग है |

आस्टियोमलेशिया –  Osteomalacia

यह रोग किसी भी आयु में हो सकता है, पर गर्भवस्था या माँ द्धारा बच्चे को अपना दूध पिलाने से शरीर की कैल्शियम तथा विटामिन डी की ज़रुरत बढ़ जाती है यदि बढ़ी जरुरत पूरी नहीं होती तो हड्डियां मुलायम हो जाती है | इससे रोग की संभावना पारदानसीन महिलाओं में या उन महिलाओं को जिन्हें जल्दी-जल्दी बच्चे होते है , अधिक होती है,इस रोग में हड्डियों में दर्द होता है जो की छूने से बढ़ जाता है, रोगी महिलाओं को चलने तथा सीढ़ी चढ़ने में परेशानी होती है, रीढ़ की हड्डियों में कमजोरी के कारण कमर झुक जाती है, इन्हे खड़े होने में सहारे की जरुरत हो सकती है |

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आस्टियोमलेशिया रोग का कारण विटामिन डी की कमी होती है, यदि महिलाओं को भरपूर मात्रा में सूर्य का प्रकाश मिले तो रोग से बचाव हो सकता है, क्योंकि त्वचा में सुर्य की अल्ट्रावायलट किरणों से विटामिन डी का निर्माण होता है, रोग हो जाने पर यदि विटामिन डी दिया जाए तो फौरन लाभ होता है |

 आस्टियोपोरोसिस – Osteoporosis

यह मुलायम,कमजोर हड्डियों का रोग अधेड़ आयु की खास समस्या है, मासिक धर्म बंद होने के बाद इस रोग से पीड़ित महिलाओं की तादाद तेजी से बढ़ती है आस्टियोमलेशिया का अर्थ होता है, “हड्डियों का हलका हो जाना ,जिससे हड्डियों की शक्ति में कमी आ जाती है और थोड़ी भी चोट या झटका लगने से ही इनके टूटने का भय रहता है |

रोग के कारण पीठ में दर्द, हड्डियों के छूने में दर्द और थोड़ी-सी चोट के कारण फ्रैक्चर हो सकता है, फ्रैक्चर कलाई, कमर, जांघ, बांह और पैर की हड्डियों का हो सकता है |

आस्टियोपोरोसिस से पीड़ित महिलाओं को लगातार हड्डियों में दर्द रहता है, दर्द काम करने या आगे झुकने से बढ़ जाता है | कभी-कभी दर्द इतना तेज हो जाता है कि वे दैनिक क्रियाएं करने में भी असहाय होती है उनको खड़े होने के लिए सहारे की जरुरत होती है, कुछ महिलाओं में रीढ़ की हड्डियों में दबाव होने से साइटिका का दर्द या मांसपेशियों की शक्ति कम हो जाती है |

अधेड़ आयु में पुरुषों में लगभग 0.5 प्रतिशत तथा महिलाओं में 3 प्रतिशत हड्डियों का भार हर साल कम होता है, इसलिए बढ़ती आयु आस्टियोपोरोसिस की खास वजह है, महिलाओं में रजोनिवृत्ति होने के बाद धीरे-धीरे एस्ट्रोजन हार्मोन का बनना बंद हो जाता है जिससे  इस रोग से पीड़ित होने की अधिक संभावना रहती है, एक सर्वेक्षण अनुसार रजोनिवृत्ति के बाद लगभग 35 से 40 प्रतिशत, महिलाएं इस रोगी से पीड़ित पाई गयी है |

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दुबली-पतली और नाटी महिलाओ को रोग होने की संभावना ज्यादा होती है, कुछ हद तक यह रोग विरासतन भी है, जिन स्त्रियों की माताओं को यह रोग होता है उनको भी यह रोग होने की आशंका होती है, ऐसी महिलाओं को चाहिए की वह रोग से बचने के उपाय करे, शराब पीना, धूम्रपान करना या अधिक काफी, चाय पिने की आदी और आलसी, आरामतलब महिलाओं भी आसानी से आस्टियोपोरोसिस रोग के चंगुल में आ जाती है |

आस्टियोमलेशिया से बचने के उपाय – Remedies for avoiding osteomalacia

  • गर्भवती महिलाओं को 2 के लिए भोजन की जरुरत होती है |
  • गर्भवस्था तथा स्तनपान करने वाली महिलाओं को तो अपने खान-पान पर खासतौर से ध्यान रखना चाहिए |
  • आस्टियोमलेशिया रोग विटामिन डी-3 के कैप्सूल 4 से 6 सप्ताह लेने से ठीक हो जाता है |
  • आस्टियोमलेशिया रोग से पीड़ित महिलाओं के गर्भस्थ शिशु को विटामिन डी की कमी से होने वाली रिकेट्स रोग होने की संभावना रहती है
  • गर्भवस्था में मां एवं बच्चे की सेहत के लिए संतुलित भोजन बेहद जरुरी है |
  • इस अवस्था में भोजन के प्रति लापरवाही कतई न करें |

आस्टियोपोरोसिस से बचने के उपाय – Measures to Avoid Osteoporosis

  • आस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए रजोनिवृत्ति के बाद भोजन में भरपूर तादाद में कैल्शियम पाया जाता है |
  • दूध और इससे बने खाघ पदार्थो में भरपूर कैल्शियम पाया जाता है |
  • अधेड़ आयु की महिलाओं को दूध जरूर पीना चाहिए
  • हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए सूर्य की रोशनी और नियमित व्यायाम भी जरुरी है |
  • रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों की जांच नियमित रूप से करवानी चाहिए एवं रोग की शंका होने या शुरआत होने पर कैल्शियम, विटामिन डी का हर रोज सेवन करना जरूरी होता जाता है |
  • कुछ महिलाओं के रोग को बढ़ने से रोकने के लिए एस्ट्रोजन हार्मोन को भी गोलियों के रूप में दिया जाता है |
  • आस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए कुछ चिकित्सक फ्लोराइड 250 मिलीग्राम, कैल्शियम 1 ग्राम तथा विटामिन डी-3, 1.25 माइक्रोग्राम की गोली को रोज दिन में 2 बार लेने की सलाह देते है |
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आस्टियोपोरोसिस रोग देश में एक गंभीर मसस्या बन गई है और लगभग 30-35 प्रतिशत महिलाओं में अधेड़ आयु के बाद होने वाली दुखो का कारण, ऐसा अनुमान है,कि लगभग 13 लाख महिलाओं में हर साल हड्डी टूटने का कारण आस्टियोपोरोसिस रोग ही है |

हड्डियों में तेज दर्द : क्या करें – Fast Pain in the Bones: What to do

यदि महिलाओं को हड्डियों में तेज दर्द हो तो उनको 2-3 सप्ताह आराम की जरुरत होती है साथ ही उनको व्यायाम, सिकाई और दर्दनिवारन दवाइयां डॉक्टर की सलाह से दी जानी चाहिए रोग बढ़ने से रोकने के लिए आदतों में सुधार लाएं | खाने में अधिक से अधिक कैल्शियम तथा प्रोटीन लें | दूध, फल, हरी सब्ज़ियों का नियमित सेवन करें तथा नियमित व्यायाम भी करें, जिससे हड्डियां मजबूत रहें |

हेल्लो दोस्तों जोड़ों का दर्द महिलाओं की आम समस्या यह पोस्ट आप को कैसी लगी हमे कमेंट करे और अपने दोस्तों और जानपाचन के लोगो के साथ शेयर करे |

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