खजूर के इतने सारे फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे आप

खजूर भारत में पाया जाता है, लेकिन इसका जन्म स्थान भारत न होकर अरब, सीरिया, मिश्र तथा उत्तरी अफ्रीका है | यह वृक्ष अच्छी खासी लम्बी का होता है | दूर से देखने से यह ताड़ के पेड़ की तरह दिखाई देता है, पर नजदीक से देखने पर इसकी पत्तियां ताड़ की पत्तियों से भित्र, ज्यादा नुकीली और पतली-पलती होती है जिस कारण से ये झाडू, चटाईयां व पंखे बनाने के काम आती है |इस लिए आज हम खजूर से रोगो का उपचार के बारे में बात करेंगे तो चलिए जानते है कि खजूर खाने से क्या क्या फायदा होता है और इसे कैसे इस्तेमाल में लेते है |

खजूर की पहचान और उसमे रासायनिक तत्व – Identification of dates and chemical elements in it

भाव प्रकाश जैसे प्रसिद्ध आयुर्वेदिक ग्रंथ में इसकी चर्चा करते हुए कहा गया है की यह दो रूपों में पाया जाता है | इसके पहले रूप को खजूर कहते है और दूसरे रूप में पिंड खजूर कहते है फलों की मांसलता और पत्तियों की बनावट के आधार पर इनमें भित्रता दर्शायी गयी है | पिंड खजूर का फल अधिक गूदेदार होता है, बनिस्पत खजूर के और उसकी पत्तियां खजूर की पत्तियों से ज्यादा नुकीली होती है |

इस ग्रन्थ में एक प्रकार के और खजूर की भी चर्चा की गयी है, जिसे सुलेमान खजूर कहा जाता है, प्रसिद्ध ग्रन्थ राजनिघंटु में तो खजूर और पिंड खजूर के अलावा इसके तीन भेद और बताये गए है | कच्चे खजूर के फल को जब सुखाकर रख लिया जाता है, तो वह छुआरा कहलाता है | इस प्रकार पेड़ पर पके हुए फल को ही खजूर कहते है, छुहारे को सूखा मेवा भी कहा जाता है| यह शक्तिवर्धक होता है |

स्वास्थ्य में कमजोर व्यक्ति को दूध में नियमित रूप से छुहारा उबालकर पिलाने से व्यक्ति में स्फूर्ति और नई शक्ति पैदा होती है | छुहारा की गुठली को घिसकर खाने से बार-बार प्यास लगने की परेशानी से निजात मिलती है | इसकी गुठली से तेल भी प्राप्त किया जाता है | यह तेल कई प्रकार की औषधि बनाने के उपयोग में लाया जाता है | आमतौर से खजूर का शरबत बनाकर पीने का प्रचलन है | इसकी लकड़ी जलने के काम आती है | इस प्रकार इसकी गुठली और गूदा स्वास्थ्य की द्रष्टि से दोनों ही उपयोगी है | इसमें भित्र-भित्र रासायनिक तत्व भी पाए जाते है  जैसे प्रोटीन, वसा कार्बोहाइड्रेट आदि |

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इसकी मात्रा निम्नवतृ है – Its volume is low

  • कार्बोहाइड्रेट – 33.8 प्रतिशत
  • रेशा – 3.7 प्रतिशत
  • प्रोटीन – 1.2 प्रतिशत
  • खनिज द्रव्य – 1.7 प्रतिशत
  • कैल्शियम – 0.002 प्रतिशत
  • फॉस्फोरस – 0.38 प्रतिशत

पूर्ण पक्व पिण्ड खजूर में शकरा की मात्रा सबसे अधिक 85 प्रतिशत तक पायी जाती है, लकिन पिण्ड खजूर में उपरोक्त रासायनिक तत्वों की प्रतिशत मात्रा खजूर से कहीं अधिक प्रतिशत में पाये जाते है |

खजूर से रोगो का इलाज – Disease Treatment

पेशाब करने में रूकावट जैसी तकलीफ होने पर खजूर का सेवन करने से पेशाब खुलकर आता है और दर्द जैसी तकलीफ भी दूर हो जाती है | अतिसार एवं मधुमेह के रोगियों के लिए भी खजूर का सेवन लाभप्रद होती है | खांसी तथा हिचकी से परेशान रोगी को भी इसका सेवन आशाजनक लाभ पहुंचाता है | सायटिका आदि जैसे वात-विकारों में भी यह लाभदायक होता है | इसके सेवन से धमनियां एवं शिरायें भी मजबूत होती है, जिसके परिणामस्वरूप ह्रदय को शक्ति प्राप्त होती है | अगर रोगी पैत्रिक खांसी से संत्रस्त है तो पीपल, घी, शहद तथा पिसा हुआ गोखरू, इस सभी को खजूर के साथ प्रयोग करने से शीघ्र ही लाभ होता है | अगर कफ खासी है तो इस नुस्खे में घी और गोखरू नहीं मिलाना चाहिए |

पैत्रिक खांसी वाले नुस्खे का वर्णन चरक संहिता में किया गया है | अगर इसी नुस्खे में गोखरू की जगह पर खांड का प्रयोग कर सेवन किया जाये तो लगातार एवं बार-बार उठने वाली हिचकी भी दूर हो जायेगी | मिश्री और शतावरी चूर्ण के साथ इसे दूध में औटाकर और खजूर के साथ सेवन करने से सूखी खांसी में भी आराम मिलता है | अगर दमा के रोगी सौंठ और मेथी के चूर्ण को खजूर में मिलाकर पान के साथ खायें तो उन्हें बहुत लाभ मिलेगा |

नकसीर या रक्तपित्त जैसे रोग की अवस्था में या बार-बार प्यास लगने की अवस्था में खजूर के गूदे के साथ मुनक्का, मुलैठी और खांड 40-40 ग्राम की समान मात्रा लेकर उसमें 20-20 ग्राम की बराबर मात्रा में इलाइची, दालचीनी, पीपल और तेजतेजपात का चूर्ण लेकर बनाई गई गोलियों से सेवन  से लाभ प्राप्त होता है |

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प्रदर रोग में छुहारे की गुठलियों का चूर्ण बनाकर प्रयोग में लाने से यह रोग जड़ से समाप्त हो जाता है | इस रोग के लिए गुठली औषधि है | सिर दर्द की अवस्था में भी छुहारे की गुठली को पानी में घिसकर ललाट पर लेप करने से सर दर्द में आराम मिलता है | आमवात के रोगियों को 250 ग्राम खजूर के फलों को पानी में उबालकर बचे हुए पानी को पिलाने से आराम मिलता है खाज-खुजली में छुहारे की गुठलियों को जलाकर उसकी राख को महीन पीसकर इसमें कपूर या घी मिलाकर लेप करना चाहिए |

कभी-कभी ऐसा होता है कि स्त्रियों को मासिक स्त्राव होते समय बहुत जोर की पीड़ा होती है, ऐसी स्थिति में छुहारे को सुखाकर उसका महीन चूर्ण बना लें और उस चूर्ण को एक तोला घी के साथ नियमित रूप से 2 महीने तक सेवन करने से आलर्व सम्बन्धी सभी कष्ट दूर हो जाते है | यह रक्तवद्धक है, खून तथा ज्वर की शिकायतों में लाभ पहुँचाता है | यह वातनाड़ी प्रदाह, सीना एवं फेफड़ो की तकलीफ में लाभदायक होता है खजूर का फल विरेचक, कफ नि:स्सारक तथा यकृत को शक्तिशाली बनाने वाला होता है |

दस्त होने पर खजूर से निकले हुए गोंद का चूर्ण बनाकर सेवन करने से दस्त बन्द हो जाते है अगर नेत्रों की मलिनता और गंदलापन दूर करना हो तो खजूर की गुठली को पानी में घिसकर आंखो की पलकों पर लेप करना चाहिए | गत्रे से प्राप्त की गयी चीनी की उपेक्षा खजूर से प्राप्त की गयी चीनी में शर्करा की मात्रा कुछ अधिक होती है | यह गत्रे की चीनी की अपेक्षा अधिक स्वास्थ्यवर्धक तथा प्रदायक है | गुठली को ही पानी में घिसकर नेत्रों के यक्ष्मों पर लेप करने से नेत्र पिंड एवं नेत्रशुक्ल, मंडलगत पित्त, जन्मगत शोथ लुप्त हो जाता है | बादाम की गिरी के साथ खाने से यह शरीर को मेदस्वी तथा मोटा बनता है |

खजूर के कुछ अन्य उपयोग – Some other uses of dates

  1. Khajur खाने से पेट के कीड़े नष्ट होते है |
  2. खजूर क्षय योग को मिटाने बाली है |
  3. जिनके शरीर में पुराना घाव हो, उन्हें खजूर का जरूर सेवन करना चाहिए |
  4. जिसके शरीर का वजन कम है, उन्हें खजूर को दूध में उबालकर खाना उपयोगी है |
  5. खजूर की तासीर गर्म नहीं ठंडी होती है |
  6. शरीर में कही खून जम गया हो तो उसमें खजूर का सेवन बहुत लाभप्रद है खजूर रेचक भी है |
  7. जिनको सुबह मल साफ नहीं आता है, उन्हें चाहिए कि खजूर को रात में भिगोकर सुबह मसल कर पियें, इससे मल साफ आता है |
  8. अगर भुखार आ रहा है तो मुँह में खजूर रख लेना बहुत लाभकारी है |
  9. जिन महिलाओं को गर्भस्त्राव हो रहा हो तो उस समय स्त्री को पानी नहीं देना चाहिए, खजूर का एक-एक बीज मुंह में रखने के लिए देना चाहिए |
  10. खजूर थकन, दाह,मूर्छा, और रत्तपित्त को मिटाती है |
  11. रोजाना सुबह चार खजूर खाने से और चार-पांच घूंट गर्म पानी पीने से कफ पतला होकर खंखार के रूप में बाहर निकल आता है |
  12. खजूर खाने से फेफड़े साफ हो जाते है और दमा की बीमारी से आराम मिलता है |
  13. खजूर के साथ शहद मिलाकर खाने से रक्तपित्त की बीमारी में लाभ होता है |
  14. जिनको कमर का दर्द है, उन्हें चाहिए कि पांच खजूर उबालकर उसमे पांच ग्राम मेथी डालकर पिलायें, इससे कमर दर्द मिटता है |
  15. जिन महिलाओं को हिस्टीरिया के दौरे पड़ते है, यदि वह नियमित कुछ महीने तक आहार के रूप में खजूर का सेवन करें तो उन्हें इस भयंकर रोग से छुटकारा मिल जाता है |
  16. जिन्हे दस्त हो रहे हों, उसके लिए खजूर की गुठली को जलाकर उसकी दो-दो चुटकी राख खाने से, साथ में ठंडा पानी लेने से बहुत लाभ मिलता है |
  17. खजूर को पानी में भिगोकर और मसलकर पीने से शराब का नशा उतर जाता है |
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हेल्लो दोस्तों खजूर से रोगो का उपचार यह पोस्ट आप को कैसा लगा बताये और अपने दोस्तों के साथ शेयर करे और हमे कमेंट करे |

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