नपुंसकता से छुटकारा पाने के लिए 7 घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

Napunsakta ka gharelu upchar aur ayurvedic nuskhe in hindi : नामर्दी को नपुंसकता भी कहते है| अंग्रेजी में इसे Impotency या Sterelity कहते है| इसमें पुरुष अपने को मैथुन को योग्य नहीं पाता| उसकी-मैथुन-कार्यक्षमता लोप हो जाती है और वह स्त्री के साये से कतराने लगते है| नामर्दी दो प्रकार की होती है-पूर्ण और आंशिक|

नामर्दी के लक्षणों में इन्द्रिय में सख्ती का न होना या हो तो उसका मैथुन के लिये अयोग्य होना, मैथुन करने की शक्ति न होना, इन्द्रिय का इतना छोटा होना कि वह स्त्री प्रसंग के योग्य न हो, तथा अण्डकोषों का अस्वाभाविक रूप से छोटा होना या बिलकुल ही न होना आदि शामिल है| शरीर में विजातीय द्रव्य का एकत्र होना, स्नायु-जाल का होना तथा जननेन्द्रिय सम्बन्धी अन्य रोगों का पुराना पड़ जाना, नामर्दी के प्रधान कारण है|

अत्याधिक सम्भोग, बहुत दिनों तक सम्भोग न करने तथा अत्याधिक साइकिल की सवारी से भी नामर्दी होते देखी गयी है| नपुंसकता एक ऐसी प्रॉबलम है जिसके कारण पुरुष को कई बार शर्मिंदगी उठानी पड़ती है| इस रोग के हो जाने से व्यक्ति महिला के संपर्क में आने से झिझकते हैं और इलाज ना होने की वजह से शादीशुदा व्यक्ति के जीवन में शादी टूटने के आसार हो जाते है इस लेख में हम नपुंसकता का उपचार के घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे जानेंगे, home remedy for impotency treatment in hindi. 

नपुंसकता क्या है : what is Impotency

पुरुष के लिंग में अतेजना ना आना या फिर उतेजना आने के बाद जल्दी शांत हो जाना उतेजित होते ही वीर्य का जल्दी बाहर अजाना नपुंसकता की बीमारी होती है| जिन पुरुषों के अंदर संभोग करने की इच्छा नहीं हो पाती वे पूरी तरह से नपुंसकता के रोगी होते है| और जिन व्यक्ति में संभोग करने की इच्छा होती है वे जल्दी शांत हो जाते है वे व्यक्ति नपुंसकता से ग्रस्त होते है|

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नपुंसकता के कारण : Causes

नपुंसकता दो कारणों से होती है – शारीरिक और मानसिक| शरीर में किसी बीमारी या कमजोरी की वजह से शारीरिक होती है और ज्यादा सोचने से दिमाग पर ज्यादा तनाव लेने से मानसिक होती है| नपुंसकता के कुछ और भी कारण हो सकते है जो यहां नीचे निम्न है|

  • हस्तमैथुन अधिक करने से और स्वपनदोष अधिक होने के कारण शिक्राणु की संख्या कम जो जाती है|
  • नपुंसकता के कारण डायबिटीज़, ह्रदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी होती है|
  • हार्मोन्स में बदलाव आना|
  • स्टेरॉइड लेने से भी कोई भी व्यक्ति नपुंसक हो सकता है|
  • धूम्रपान, ड्रग और शराब का सेवन करने से भी नपुंसकता के कारण हो सकते है|

नपुंसकता के लक्षण : Impotency

  • संभोग करते समय लिंग में कड़कपन ना आना उसके देर तक कठोर ना रहना|
  • संभोग के समय जल्दी वीर्य निकाल जाना|
  • अपने साथी से सेक्स की बात सोचकर ही स्खलित हो जाना या फिर अपने साथी को छूते ही स्खलित हो जाना|

नपुंसकता का उपचार के घरेलू उपाय और नुस्खे

Impotency Treatment Tips in Hindi

नपुंसकता के इलाज के लिए हम आप को इस लेख में कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे है| जिनके निरंतर इस्तेमाल से आप नपुंसकता से आप छुटकारा पा सकते है|

बादाम, काजू, दूध

योन शक्ति और ताकत बढ़ाने के लिए चार छुहारे लें, दो बादाम, तीन काजू 300 से 400 ग्राम दूध में उबाल लें और इसमें थोड़ी सी मिश्री डाल दें और रात को सोने से पहले इसका सेवन करे|

शहद, हल्दी पाउडर

वीर्य को गढ़ा करने के लिए एक चम्मच शहद में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर सुबह-सुबह खाली पेट खाएं| रोजाना इस घरेलू उपाय को करने से संभोग शक्ति बढ़ने लगती है|

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जामुन की गुठली

स्पर्म की संख्या बढ़ाने के लिए जामुन की गुठली पीस कर इसका पाउडर बना लें और गुनगुने दूध के साथ रोजाना सेवन करे|

सफ़ेद प्याज का रस, शहद, मिश्री

शीघ्रपतन से छुटकारा पाने के लिए आधा चम्मच सफ़ेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद, आधा चम्मच पीसी हुई मिश्री मिला कर रोजाना दिन में दो बार सेवन करें|

प्याज का रस, शहद

प्याज का एक चम्मच ताजा रस निकालकर दो चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-सुबह 21 दिन तक सेवन करने से इंद्रिय की शिथिलता व नपुंसकता दूर हो जाती है|

गाजर का मुरब्बा, शहद

गाजर का मुरब्बा 100 ग्राम 2 चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करना चाहिए| प्रात: सायं धारोष्ण दूध पीना चाहिए| इससे वीर्य की पुष्टि होती है तथा काम शक्ति जाग्रत होती है|

बेलपत्र

बेलपत्र और नीम के रस को मिलाकर शिशन पर लेप करने से नपुंसकता दूर होती है|

नायाब नुस्खे का चूर्ण

शतावरी, गोखरू, बड़ा बीजबंद, वंशलोचन, कबाबचीनी, कोंच के चिलकेरहित बीज, सेमन की छाल, सफ़ेद मूसली, काली मूसली, सालम मिश्री, कमलगट्टा, विदारीकंद, असगन्ध, सब 50 ग्राम और शक्कर 300 ग्राम लेकर सभी द्रव्यों को अलग-अलग कूट-पीसकर कपड़छन करके महीन चूर्ण कर लें| शक्कर को पीस ले और सबक़ों मिलाकर छलनी से तीन बार छान लें ताकि सभी द्रव्य मिलकर एक हो जाएं| सुबह-शाम 1-1 चम्मच चूर्ण मीठे दूध के साथ 60 दिन तक सेवन करें| इस नुस्खे का सेवन करने से शुक्राणु अल्पता दूर होने के अलावा शीघ्रपतन, स्वपनदोष और नपुंसकता आदि यौन व्याधियां भी दूर हो जाती है|

नपुंसकता का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. शीघ्रपतन के आयुर्वेदिक इलाज में 5 ग्राम इसबगोल की भूसी 5 ग्राम मिश्री रोजाना सेवन करने के साथ हल्का गुनगुना दूध पिए|
  2. नपुंसकता, स्वपनदोष, शीघ्रपतन से राहत पाने के लिए पांच मुनक्का एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पहले ठंडे पानी के साथ सेवन करें| इस घरेलू उपाय को नियमित रूप से करने से लाभ होता है|
  3. असगंध, अश्वगंधा और बिदरिकड़ इन सब लो लेकर सौ-सौ ग्राम लेकर पीस कर पाउडर बना लें| और रोजाना सुबह-शाम आधा चम्मच पाउडर दूध के साथ सेवन करे| इस उपाय को करने से स्पर्म में ताकत आती है और मर्दाना कमजोरी दूर हो जाती है|
  4. 5 ग्राम अकारकरा, 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भसम और 10 ग्राम केसर अच्छे से मिलाकर पीस लें| और इसमें अच्छे से शहद मिला लें और इस मिश्रण की गोलियां बना लें| रोजाना सोने से पहले दूध के साथ दो गोलियां सेवन करने से लिंग का ढीलापन खत्म हो जाता है और नामर्दी दूर होती रहती है|
  5. एक चम्मच शहद, एक चम्मच आंवले का चूर्ण और दो चम्मच आंवले का रस में अच्छे से मिलाकर सुबह शाम दोबार सेवन करें| इस नुस्खे से मर्दाना कमजोरी दूर हो जाती है|
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