जानिए कैसे प्रेग्नेंट होती है महिलाएं – What is Pregnancy and how to be Pregnant in Hindi

Pregnancy in Hindi : आज इस लेख में हम आप को बतायेंगे की महिला और लड़की प्रेगनेंट कैसे होती है| किसी को भी जीवन देने की शक्ति केवल भगवान के पास है| और उसके बाद यह शक्ति केवल महिलाओं को मिली है| प्रेग्नेंट होना किसी भी महिला के लिए बहुत ही सुख और खुशी की बात है हर लड़की और महिला चाहती है की वो एक स्वस्थ और सुंदर शिशु को जन्म दे|

जानिए कैसे प्रेग्नेंट होती है महिलाएं - What is Pregnancy and how to be Pregnant in Hindi

जब कोई पुरुष या महिला यौन संबंध बनाते है तो उनके मन में गर्भधरण को लेकर चिंता और कई तरह के सवाल उठते रहते है जैसे की प्रेगनेंट कैसे होते है| के बारे में जानना सबसे जरूरी होता है| इस लेख में हम आप को बताने जा रहे है की महिला प्रेग्नेंट कैसे होती है| प्रेग्नेंट होने की प्रक्रिया, गर्भधारण की प्रक्रिया क्या है, गर्भधरण कब होता है, प्रेगनेंट के शुरुआती लक्षण के साथ प्रेगनेंसी से कैसे बचें और गर्भ न ठहरने के उपाय के बारे में|

प्रेग्नेंट कैसे होते है इन हिन्दी – Pregnant Kaise hote hai in hindi

जब एक महिला और पुरुष यौन संबंध (Sexual intercourse) बनाते है| गर्भधरण करने के लिए महिला के अंडाशय में पुरुष के शुक्राणु से मिलने की जरूरत होती है दूसरे शब्दों में जब निषेचित अंडा गर्भाशय की दीवार में जाता है तो गर्भधरण होता है| प्रेगनेंसी को जेस्टेशन (gestation) भी कहते है| ज्यादातर लड़कियों को पीरियड्स 11 से 14 साल की उम्र में आना शुरू हो जाते है|

और उनके शरीर में कई तरह के हार्मोन्स स्रवित (release) होना शुरू हो जाते है, उसके बाद ही लड़कियों का गर्भशय बच्चे को जन्म देने के लिए पूरी तरह से त्यार होता है| एक बार पीरियड्स शुरू होने के बाद कोई भी महिला या लड़की अपने पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाकर आसानी से प्रेगनेंट हो सकती है|

प्रेग्नेंट होने की प्रक्रिया – Process of Pregnancy in Hindi

गर्भाधरण करना वास्तव में एक कठिन प्रक्रिया है| इसमें कई चरण होते है| बहुत सी महिलाओं को पाता नहीं चलता की वास्तव में वो किस दिन प्रेग्नेंट हुई| लेकिन ज्यादातर डॉक्टर अंतिम मानसिक धर्म के पहले दिन से गर्भावस्था के शुरू के दिन बताते है|

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आइये जाने की महिला या लड़की प्रेगनेंट कैसे होती है और प्रेगनेंसी की पूरी प्रक्रिया क्या है|

गर्भधरण की प्रक्रिया में महिला की भूमिका – Role of women in the Process of Pregnancy in hindi

स्त्रियों के अंडे अंडाशय में बनते है और हर महीने आपके मानसिकधर्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोनों का स्त्रावण इन्हीं में से कुछ अंडों के तैयार होने पर होता है| जब यह अंडे परिपक्व हो जाते हैं तो इसका यह मतलब यह होता है की वे स्पर्म कोशिकाओं के साथ निषेचित होने के लिए तैयार है| ये हार्मोन आपके गर्भाशय (uterus) की परत को भी मोटा बनाते है जिससे आपका शरीर बच्चे को संभालने के लिए तैयार हो जाता है|

मानसिक धर्म के बाद एक परिपक्व अंडा महिला के अंडाशय में रह जाता है| जिसे ओव्यूलेशन कहते है| और यह फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से पूरे गर्भाशय में भ्रमण करता है| फैलोपियन ट्यूब में यह अंडा 12 से 24 घंटे रहता है और आसपास स्पर्म की तलाश करता है|

पुरुष का वीर्य जब महिला की यौन में जाता है तब स्पर्म कोशिकाएं सर्विक्स (cervix) और गर्भाशय के माध्यम से फैलोपियन ट्यूब में तैरते है| और वहां अंडे की तलाश करती है| और ये 6 दिनों तक अंडे से संयोग करने का इंतजार करते है| उसके बाद नष्ट हो जाते है|

गर्भधरण की प्रक्रिया में पुरुष की भूमिका – Role of Men in the Process of Pregnency in hindi

आजकल ज्यादातर लोगों को तो यह मालूम ही है की किसी पुरुष के साथ यौन संबंध बनाने से ही महिला गर्भावती होती है| यौन संबंध बनाने के बाद स्खलित (enjaculation) होने पर पुरुष के लिंग से महिला की योनि में जो तरल पदार्थ गिरता है उसे हम सीमेन (semen) कहते है| सीमेन के अंदर पुरुष के शुक्राणु भी होते है| योनि में गिरने के बाद महिला के अंडे से निषेचन करने भ्रूण का निर्माण करते है|

आपको बता दे की शुक्राणु बहुत ही सूक्ष्म (साधारण आँखों द्वारा न दिखने वाली) कोशिकाएं है जो अंडकोश (testicles) में बनते है ये शुक्राणु सीमेन नामक एक तरल पदार्थ से चिपके होते है जो सेक्स के दौरान पुरुष के लिंग (penis) से बाहर निकलता है| आप जितनी बार भी सेक्स करते है तो करोड़ों की संख्या में शुक्राणु निकलते है| लेकिन पुरुष का सिर्फ एक शुक्राणु (sperm) ही महिला के अंडे से मिलता है जिसके कारण महिला प्रेग्नेंट हो जाती है|

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निषेचन और प्रत्यारोपक की प्रक्रिया – fertilization and implantation in humans in hindi

इस दौरान जब वीर्य यौनि में जाता है तो शुक्राणु, अंडे की तलाश में इसी फैलोपियन ट्यूब में तैरते है| लेकिन निषेचन जल्दी नहीं होता है सेक्स करने के बाद करीब 6 दिनों तक स्पर्म गर्भशय और फैलोपियन ट्यूब में रहता है| जब शुक्राणु अंडे से मिलती है तो इस प्रक्रिया को निषेचन करते है|

यदि शुक्राणु अंडे से संयोग कर लेता है तो फिर यह निषेचित अंडा फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय में आ जाता है| वहां यह ज्यादा से ज्यादा कोशिकाओं में विभाजित हो जाता है| और विकसित होकर एक बॉल (ball) बनता है| जिसे ब्लास्टोसिस्ट (blastocyst) कहते है| निषेचन के तीन से चार दिनों बाद गर्भाशय में जाता है|

ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय में कम से कम 2 से 3 दिन टहलती रहती है| अगर यह गर्भाशय की दीवार में चिपक जाती है| तो इस प्रक्रिया को प्रत्यारोपना (implantation) कहते है और इसके बाद ही सही मायनों में प्रेगनेंसी शुरू होती है|

जब निशेचित अंडा गर्भाशय से लगता है| तब यह गर्भावस्था हार्मोन्स मुक्त करता है| जिससे महिला गर्भवती हो जाती है जिससे उसके पीरियड्स नहीं होते|

प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण – Early Pregnancy symptoms in Hindi

ज्यादातर महिलाएं लक्षणों को देखा कर ही प्रेगनेट होने की पुष्टि करती है| आइये जानते है की प्रेग्नेंट होने के क्या लक्षण है|

  • चक्कर आना|
  • कब्ज होना|
  • शरीर में सूजन होना|
  • शरीर में थकन होना|
  • पीरियड्स रुक जाना|
  • स्तन के आकार में बदलाव होना|
  • जी मिचलाना या उल्टी होना|
  • स्तन मुलायम हो जाना|
  • बार बार पेशाब महसूस होना|
  • स्तन में सूजन हो जाना|
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ये सभी प्रेग्नेसी के लक्षण माने जानते है| लेकिन यह जरूरी नहीं है की हर महिला में ये लक्षण एक साथ दिखे| अगर आप को लगता है की आप प्रेग्नेंट है तो डॉक्टर से मिले जांच करा कर पता कर लें के आप सही में प्रेग्नेंट है या नहीं|

प्रेग्नेंसी से कैसे बचें – How to Prevent Pregnancy in Hindi

प्रेग्नेसी से बचने के लिए पुरुशों को यौन संबंध बनाने से पहले कंडोम का प्रयोग करना चाहिए ताकि महिला अनचाही प्रेगनेंसी से बच सके|

गर्भनिरोधक गोलियों (Contraceptive Pills) का सेवन करने से यौन संबंध बनाने के बाद भी आप गर्भवती होने से बच जाएंगी| लेकिन आपको हर रोज एक गर्भविरोधक गोली का सेवन करना होगा तभी यह ज्यादा प्रभावी होगा|

आजकल महिलाओं के लिए भी मेडिकल में अलग से कंडोम उपलब्ध है| अगर आप प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती है तो आपको जरूर महिला कंडोम का खुद इस्तेमाल करना चाहिए| महिलाओं का जो कंडोम होता वो अंगूठी के आकार हो होता है| और इसमें एक पाउच लगा होता है| अंगूठी की मदद से योनि (vagina) में पाउच को अंगूठी को योनि से बाहर निकाल लिया जाता है| इससे स्खलन हो जाने पर सीमेन (semen) योनि की बजाय इसी पाउच में इखट्टा हो जाता है| और इससे महिला प्रेग्नेंट नहीं होती है|

अगर आप की शादी हो चुकी है और आप प्रेगनेंसी से इसलिए बचना चाहती है की आप को बच्चा नहीं चाहिए तो आप अपनी नसबंदी भी करा सकती है|

अगर आप ने असुरक्षित यौन संबंध बना लिए है और आपको प्रेगनेंट होने का डर है तो आप यौन संबंध बनाने के 24 घंटे के अंदर प्रेगनेंसी से बचने के लिए आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली का सेवन करे|

हेल्लों दोस्तों जानिए कैसे प्रेग्नेंट होती है महिलाएं – What is Pregnancy and how to be Pregnant in Hindi का यह लेख आप को कैसा लगा हमें कमेंट करे और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें|

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